उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत, ई-कचरे पर नियंत्रण और लाखों रोजगार के अवसरों के लिए केंद्र सरकार से राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग
पुणे : देश में इलेक्ट्रॉनिक कचरे पर नियंत्रण, मोबाइल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत तथा MSME और मोबाइल रिपेयरिंग उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अग्रवाल मारवाड़ी चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एजुकेशन (AMCCIE) ने केंद्र सरकार से वर्ष 2027 से भारत में निर्मित और बेचे जाने वाले सभी स्मार्टफोन में आसानी से निकाली और बदली जा सकने वाली बैटरी अनिवार्य करने की मांग की है।
इस संबंध में AMCCIE के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राष्ट्रीय नीति बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश स्मार्टफोन की बैटरी खराब होने पर उपभोक्ताओं को महंगे सर्विस सेंटर का सहारा लेना पड़ता है। कई बार बैटरी बदलने की अधिक लागत के कारण लोग नया मोबाइल खरीदने को मजबूर हो जाते हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी बढ़ता है।
राजेश अग्रवाल ने कहा, “तकनीक का उद्देश्य उपभोक्ताओं का जीवन आसान बनाना होना चाहिए, न कि उन्हें अनावश्यक खर्च के लिए मजबूर करना। यदि केवल बैटरी खराब हुई है, तो पूरा मोबाइल बदलने की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए? बैटरी बदलें, पूरा मोबाइल नहीं!”
AMCCIE के अनुसार, इस नीति से करोड़ों उपभोक्ताओं की बचत होगी, स्मार्टफोन की उपयोग अवधि बढ़ेगी और ई-कचरे में कमी आएगी। साथ ही मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर, बैटरी निर्माण, स्पेयर पार्ट्स, रिफर्बिशमेंट और रीसाइक्लिंग क्षेत्र में नए व्यावसायिक एवं रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे छोटे उद्यमियों, तकनीशियनों और युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।
चेंबर ने केंद्र सरकार से छह प्रमुख मांगें की हैं। इनमें 2027 से सभी स्मार्टफोन में सुरक्षित एवं आसानी से बदलने योग्य बैटरी अनिवार्य करना, उचित कीमत पर प्रमाणित रिप्लेसमेंट बैटरी उपलब्ध कराना, स्पेयर पार्ट्स और रिपेयर मैनुअल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, राइट टू रिपेयर कानून को मजबूत बनाना तथा मोबाइल रिपेयरिंग एवं बैटरी उद्योग से जुड़े MSME को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन देना शामिल है।
AMCCIE ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उपभोक्ता मामले मंत्रालय तथा पर्यावरण मंत्रालय से संयुक्त रूप से स्पष्ट राष्ट्रीय मानक और नीति तैयार करने की अपील की है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह पहल ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को मजबूती दे सकती है।
AMCCIE के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र गोयल सहित कमलराज बंसल, विनोद सांखला, मनीष तावरावाला, मिठालाल जैन, उमेश मंडोत, जगदीश उनेचा, पंकज करवा, सौ. जयश्री डिंबळे सहित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने इस मांग का समर्थन किया है।
AMCCIE का संदेश : “बैटरी बदलें, पूरा मोबाइल नहीं! उपभोक्ताओं का पैसा बचाएं, ई-कचरा घटाएं और आत्मनिर्भर भारत बनाएं!”