रूह-ए-रफ़ी : मोहम्मद रफ़ी को राजेश धाबरे द्वारा एक आत्मीय श्रद्धांजलि!
मुंबई एक बार फिर एक अद्वितीय संगीतमय संध्या का साक्षी बनने जा रही है। प्रख्यात संगीतकार, वरिष्ठ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी, लेखक एवं ट्रांसफ़ॉर्मेशन कोच राजेश धाबरे द्वारा प्रस्तुत रूह-ए-रफ़ी, महान गायक मोहम्मद रफ़ी की अमर आवाज़ को समर्पित एक भव्य श्रद्धांजलि है।
अपने प्रसिद्ध संगीत एल्बम बुद्ध ही बुद्ध है (2010) और सिद्धार्थ : द लोटस ब्लॉसम (2013) के लिए चर्चित राजेश धाबरे ने प्रशासनिक सेवा और संगीत साधना का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया है। शासन, कला और अध्यात्म का यह संगम उनकी विशिष्ट पहचान बन चुका है। वर्षों से यह प्रतिष्ठित संगीतमय आयोजन अनेक दिग्गजों की उपस्थिति से गौरवान्वित रहा है, जिसमें स्वयं स्वर-कोकिला लता मंगेशकर भी एक बार मुख्य अतिथि के रूप में पधारी थीं।
परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष के रूह-ए-रफ़ी कार्यक्रम में प्रख्यात कवि, गीतकार एवं पद्मश्री सम्मानित जावेद अख्तर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जिससे यह संध्या और भी यादगार बन जाएगी।
यह आयोजन 30 अगस्त 2025 को सायं 7 बजे, पी.एल. देशपांडे सभागृह, रवींद्र नाट्य मंदिर, प्रभादेवी, मुंबई में आयोजित किया जाएगा। निराश्रित कलाकारों को समर्पित यह संगीतमय समारोह, राजेश धाबरे की आत्मीय प्रस्तुतियों के माध्यम से, मोहम्मद रफ़ी की कालजयी विरासत का अविस्मरणीय उत्सव होगा।
