Array ( [data] => ) श्री राघवेंद्र स्वामी महारथोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न355वें आराधना महोत्सव के अवसर पर निकली भव्य महारथ यात्रा में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल - Sanvidhan
September 1, 2026

श्री राघवेंद्र स्वामी महारथोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न355वें आराधना महोत्सव के अवसर पर निकली भव्य महारथ यात्रा में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

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पुणे : रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित रथ, रथ में विराजमान श्री राघवेंद्र स्वामी की चांदी की प्रतिमा, धूप-आरती की सुगंध, पवित्र मंत्रोच्चार, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज, गुलाल की बौछार और आकर्षक रंगोलियों से सजे मार्ग—ऐसे भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण में श्री राघवेंद्र स्वामी के 355वें आराधना महोत्सव के अवसर पर भव्य महारथ यात्रा निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता और श्री राघवेंद्र स्वामी के जयघोष एवं मंत्रोच्चार से पूरी यात्रा भक्तिमय हो उठी।

श्री राघवेंद्र स्वामी के 355वें आराधना महोत्सव का आयोजन सदाशिव पेठ स्थित वरदेंद्र श्री राघवेंद्र स्वामी मठ में 29 से 31 अगस्त 2026 तक किया गया। इसी अवसर पर लक्ष्मी रोड स्थित राघवेंद्र स्वामी मठ से भव्य महारथ यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।

महारथ यात्रा के अग्रभाग में नगरकर चौघड़ा वादन दल था। इसके बाद श्रीकृष्ण बैंड द्वारा प्रस्तुत विभिन्न धार्मिक गीतों ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु गुलाल उड़ाते हुए श्री राघवेंद्र स्वामी का जयघोष एवं पवित्र मंत्रों का जाप कर रहे थे। इससे लक्ष्मी रोड का पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

जगद्गुरु श्रीमन्मध्वाचार्य मूल महासंस्थानम्, नंजनगुडु की ओर से तथा मठ के मार्गदर्शन में इस धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव के दौरान ध्वजारोहण, प्राणप्रतिष्ठा, शाकोत्सव, धनधान्य पूजा और लक्ष्मी पूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। उपाकर्म कार्यक्रम के अंतर्गत ऋग्वेदीय उपाकर्म और यजुर्वेदीय उपाकर्म भी आयोजित किए गए।

महारथ यात्रा के अवसर पर राघवेंद्र स्वामी मठ के व्यवस्थापक श्री दत्तात्रय जोशी गुरुजी ने कहा कि भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी, गानसम्राज्ञी किशोरी आमोनकर और रघुनंदन पंशिकर जैसे प्रसिद्ध कलाकार श्री राघवेंद्र स्वामी के भक्त रहे हैं और उन्होंने संगीत के माध्यम से उनकी सेवा की है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक की तरह महाराष्ट्र में भी श्री राघवेंद्र स्वामी के अनुयायियों की संख्या बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “पुणे में श्री राघवेंद्र स्वामी मठ की परंपरा करीब 250 वर्षों से चली आ रही है। श्री राघवेंद्र स्वामी की शिक्षाओं और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आराधना महोत्सव का आयोजन किया जाता है।”

तीन दिवसीय आराधना महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक सेवाओं और अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इनमें सुप्रभात सेवा, पंचामृत अभिषेक, उत्सवाराय पाद्यपूजा, कनकमहा पूजा, अलंकार सेवा, हस्तोदक, महामंगलारती तथा तीर्थप्रसाद वितरण प्रमुख रहे।

महोत्सव के अंतिम दिन शाम को पांच स्वस्तिवाचन, डोलोत्सव और महामंगलारती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी महोत्सव में विशेष स्थान दिया गया। आनंद भीमसेन जोशी और कुमारी सुजाता देवन की प्रस्तुति वाला दासवाणी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

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