अमनोरा यस फाउंडेशन द्वारा सूर्योदय पारधी समाज आदिवासी आश्रम विद्यालय में अत्याधुनिक खेल परिसर का निर्माण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूजनीय डॉ. मोहन भागवत करेंगे 8 अगस्त को लोकार्पण
पुणे : सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए अमनोरा यस फाउंडेशन ने बुलढाणा जिले के खामगांव स्थित सूर्योदय पारधी समाज आदिवासी आश्रम विद्यालय का संरक्षकत्व स्वीकार कर विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक खेल परिसर एवं सुसज्जित बंदिस्त प्रेक्षागृह (इनडोर ऑडिटोरियम) का निर्माण किया है। इस भव्य खेल परिसर का लोकार्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूजनीय डॉ. मोहन भागवत के करकमलों द्वारा 8 अगस्त 2026 को किया जाएगा। यह जानकारी अमनोरा यस फाउंडेशन एवं सिटी ग्रुप के अध्यक्ष अनिरुद्ध देशपांडे ने पत्रकार परिषद में दी। इस अवसर पर विवेक कुलकर्णी भी उपस्थित थे।
इस आश्रम विद्यालय की स्थापना परम पूजनीय भय्यूजी महाराज ने की थी। वर्ष 2014 में श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट तथा अमनोरा यस फाउंडेशन ने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली। विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में वॉलीबॉल, हैंडबॉल एवं बास्केटबॉल के अलग-अलग मैदानों के साथ एक आधुनिक इनडोर प्रेक्षागृह का निर्माण किया गया है।
खामगांव स्थित इस आश्रम विद्यालय में वर्तमान में पारधी समाज के लगभग 750 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिशियन, प्लंबिंग, मोटर मैकेनिक तथा ब्यूटी एंड वेलनेस जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
फाउंडेशन की ‘स्वयंसिद्ध’ पहल के अंतर्गत छात्राओं द्वारा पुरानी साड़ियों से आकर्षक कपड़े के थैले तैयार किए जाते हैं। प्रत्येक थैले के लिए छात्राओं को 25 रुपये मानदेय दिया जाता है। इस पहल के माध्यम से प्रत्येक छात्रा के बैंक खाते में 10,000 रुपये जमा किए गए हैं। यह राशि 8 अगस्त को डॉ. मोहन भागवत के हाथों छात्राओं को प्रदान की जाएगी, ऐसा अनिरुद्ध देशपांडे ने बताया।
अमनोरा यस फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में विविध जनहितकारी पहल संचालित कर रहा है। फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतमंद छात्राओं को छात्रवृत्तियां प्रदान करने के साथ-साथ अनेक छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध करा रहा है। इन छात्रवृत्तियों के परिणामस्वरूप एक ऑटो-रिक्शा चालक की बेटी डॉक्टर बनी, आंगनवाड़ी सेविका की बेटी आईटी इंजीनियर बनी तथा सब्जी विक्रेता की बेटी सरकारी अधिकारी बनने में सफल रही।
इसके अलावा फाउंडेशन ने 40 नर्सिंग छात्राओं को 11 लाख रुपये की ‘मीरा देशपांडे छात्रवृत्ति’ प्रदान की है। साथ ही, पिछले आठ वर्षों से ससून अस्पताल में कार्यरत मावशियों एवं ताइयों (सहायक महिला कर्मचारियों) को उनकी समर्पित सेवाओं के सम्मान में ‘मीरा देशपांडे सेवा सम्मान पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा रहा है।
