बैंक कर्मचारियों का 9वां अधिवेशन पुणे में 27–28 दिसंबर को
- पद्मश्री सुचेता दलाल को मिलेगा ‘कॉ. सुरेश धोपेश्वरकर स्मृति पुरस्कार’; देविदास तुळजापूरकर ने दी जानकारी
पुणे: ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन (AIBEA) से संलग्नीत ऑल इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र एम्प्लॉईज फेडरेशन (AIBOMEF) का दो दिवसीय 9वां अखिल भारतीय अधिवेशन पुणे में आयोजित किया गया है। यह अधिवेशन शनिवार (27 दिसंबर) और रविवार (28 दिसंबर) को कॉ. सुरेश धोपेश्वरकर नगरी, दादासाहेब दरोडे सभागृह, बीएमसीसी के पास, शिवाजीनगर, पुणे में होगा। देशभर से 500 से अधिक बैंक कर्मचारी इस अधिवेशन में भाग लेंगे।
अधिवेशन का उद्घाटन शनिवार (28 दिसंबर) सुबह 10.30 बजे AIBEA के महासचिव कॉ. सी.एच. वेंकटचलम के हाथों होगा। इस अवसर पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधू सक्सेना प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व महाप्रबंधक वी.सी. जोशी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव कॉ. कृष्णा बरुरकर, AIBEA के उपाध्यक्ष कॉ. एन. शंकर तथा संयुक्त महासचिव कॉ. ललिता जोशी विशेष अतिथि रहेंगे।
अधिवेशन के अवसर पर दिया जाने वाला दूसरा ‘कॉ. सुरेश धोपेश्वरकर स्मृति पुरस्कार’ इस वर्ष पद्मश्री सुचेता दलाल को प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार में एक लाख रुपये नकद और सम्मान पत्र शामिल है। वित्तीय क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान, बचतकर्ताओं व निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए किए गए मार्गदर्शन और जनजागरूकता के कार्य को ध्यान में रखते हुए यह सम्मान दिया जा रहा है। वर्ष 1992 के हर्षद मेहता घोटाले को उजागर करने वाली उनकी खोजी पत्रकारिता के कारण वे देशभर में प्रसिद्ध हैं।
अधिवेशन के दूसरे दिन रविवार को सुबह 10 बजे प्रसिद्ध आईटी विशेषज्ञ व लेखक अच्युत गोडबोले ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कामगार वर्ग: अवसर, चुनौतियां और आगे की राह’ विषय पर मार्गदर्शन करेंगे। अधिवेशन की सफलता के लिए अध्यक्ष कॉ. चंद्रेश पटेल, सचिव कॉ. शैलेश टिळेकर सहित अन्य पदाधिकारी मेहनत कर रहे हैं।
AIBOMEF के महासचिव देविदास तुळजापुरकर ने बताया कि केंद्र सरकार की बैंक विलय और निजीकरण नीतियों के विरोध की पृष्ठभूमि में यह अधिवेशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शिवाजीनगर स्थित स्वामित्व वाले ‘लोकमंगल’ मुख्यालय को बाणेर की किराये की इमारत में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव और बैंक की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘मेटको’ की बिक्री के विरोध में अधिवेशन में विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही कर्मचारियों की भर्ती और उनकी लंबित मांगों पर भी मंथन किया जाएगा।
