ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में CMAs की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित करेगा RISE इंडिया लीडरशिप समिट
पुणे:
दि इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) द्वारा पुणे में “RISE इंडिया लीडरशिप समिट” का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट की थीम “ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में रणनीतिक नेतृत्व: मूल्य सृजन के शिल्पकार के रूप में CMAs” रखी गई है। इस सम्मेलन का उद्देश्य ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की बदलती भूमिका तथा कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स (CMAs) के बढ़ते रणनीतिक योगदान को उजागर करना है।
यह जानकारी ICMAI की करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट कमेटी के चेयरमैन CMA विनय रंजन ने पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CMA चैतन्य मोहरिर, सचिव – ICMAI वेस्टर्न इंडिया रीजनल काउंसिल (WIRC), तथा CMA श्रीकांत इप्पलपल्ली, चेयरमैन – ICMAI पुणे चैप्टर, सहित अन्य गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
यह समिट गुरुवार, 30 जनवरी 2026 को होटल विवांता, पुणे में शाम 4 बजे से 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए CMA विनय रंजन ने बताया कि यह ICMAI का पहला ऐसा सम्मेलन है जो विशेष रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पहले GCCs मुख्य रूप से कॉस्ट कंट्रोल और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग तक सीमित थे, लेकिन आज उनसे रणनीतिक योजना, परफॉर्मेंस मैनेजमेंट, रिस्क गवर्नेंस तथा डिजिटल क्षमताओं के प्रभावी उपयोग जैसी व्यापक भूमिकाओं की अपेक्षा की जा रही है। इन उभरती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए CMAs पूरी तरह सक्षम हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कॉस्ट एवं लाभप्रदता विश्लेषण, रणनीतिक योजना, परफॉर्मेंस मापन तथा निर्णय समर्थन में मजबूत विशेषज्ञता के कारण CMAs आज वैश्विक CFOs और बिजनेस लीडर्स के विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बनते जा रहे हैं। मार्जिन ऑप्टिमाइजेशन, फाइनेंस ट्रांसफॉर्मेशन, एडवांस्ड एनालिटिक्स, गवर्नेंस तथा ESG आधारित निर्णय प्रक्रिया जैसे क्षेत्रों में CMAs की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
RISE इंडिया लीडरशिप समिट में प्रमुख GCC संगठनों के प्रतिनिधि, CFOs, HR प्रमुख तथा वरिष्ठ पेशेवर भाग लेंगे। यह सम्मेलन उद्योग संवाद, ज्ञान-साझाकरण और नेतृत्व केंद्रित विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।
