आकाश इंस्टीट्यूट पुणे का जेईई मेन 2026 में शानदारप्रदर्शन: 16 छात्रों ने किया बेहतरीन प्रदर्शन; दीक्षांत शर्मा बनेटॉप स्कोरर 99.99 पर्सेंटाइल के साथ
लगभग परफेक्ट ओवरऑल पर्सेंटाइल के साथ शानदार प्रदर्शन किया और फिजिक्स तथा मैथमेटिक्स में 99 पर्सेंटाइल हासिल कर पुणे और आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड का नाम रोशन किया।
पुणे, 20 फ़रवरी 2026: आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के पुणे से 16छात्रों ने एक बार फिर जेईई मेन 2026 (सेशन 1) में शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में उनके अकादमिक प्रोग्राम की निरंतर सफलता साबित हुईहै। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 16 फ़रवरी को जारी किए गए नतीजोंके अनुसार, जेईई मेन 2026 में आकाश इंस्टीट्यूट, पुणे के 16 छात्रों नेबेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया।
दीक्षांत शर्मा 99.99 पर्सेंटाइल के शानदार स्कोर के साथ टॉप स्कोरर बनकर उभरे। उनके बाद तेजस कोरे ने 99.78 पर्सेंटाइल और पीयूष यादव ने 99.75 पर्सेंटाइल हासिल किया। शिवप्रसाद लक्ष्मण देवकर ने 99.71 पर्सेंटाइल प्राप्त किए, जबकि प्रत्युष आलोक कुमार तिवारी ने 99.54 पर्सेंटाइल दर्ज किए।
कैवल्य विजय घारगे ने 99.44 पर्सेंटाइल स्कोर किए और पार्थ निकम ने 99.43 पर्सेंटाइल हासिल किए। आर्या दिवेकर ने 99.35 पर्सेंटाइल प्राप्त किए, जबकि निखिल बेवाल और सोहम निशिकांत पाटिल दोनों ने 99.31 पर्सेंटाइल दर्ज किए। दिव्या दीपक कटारिया ने 99.29 पर्सेंटाइल हासिल किए और उत्कर्ष प्रदीप निबे ने 99.20 पर्सेंटाइल प्राप्त किए।
ओम देशमुख ने 99.15 पर्सेंटाइल हासिल किए, हसिनी चिक्कला ने 99.08 पर्सेंटाइल स्कोर किए, वरद महाडिक ने 99.05 पर्सेंटाइल प्राप्त किए और पर्ल सोमानी ने 99.04 पर्सेंटाइल हासिल किए। यह परिणाम जेईई मेन 2026 में पुणे रीजन के मजबूत ओवरऑल प्रदर्शन को दर्शाता है।
छात्रों की इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ ऑफ एकेडमिक्स एवं बिज़नेस हेड, डॉ. एच. आर. राव ने कहा, “पुणे के हमारे छात्रों के शानदार नतीजे उनकी पढ़ाई के प्रति प्रतिबद्धता और आकाश के मजबूत एजुकेशनल इकोसिस्टम का प्रमाण हैं। हमें उनकी मेहनत पर बेहद गर्व है और हम उनकी इस सफलता के लिए उन्हें बधाई देते हैं।
हम उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सभी कोशिशों के लिए शुभकामनाएं देते हैं।” कई छात्रों ने यह भी बताया कि सेल्फ-डिसिप्लिन, लगातार अभ्यास, कड़ा प्रशिक्षण, समय पर मेंटरिंग और नियमित असेसमेंट ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई। स्ट्रक्चर्ड करिकुलम, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मॉक टेस्ट्स की वजह से वे अपनी पढ़ाई पर फोकस बनाए रख पाए, अपनी कमजोरियों को समय रहते पहचान सके और धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार कर पाए।
जेईई मेन साल में दो बार आयोजित होने वाली परीक्षा है, जिससे छात्रों कोअपने पिछले स्कोर में सुधार करने का मौका मिलता है। इसी परीक्षा के ज़रिएछात्रों को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकीसंस्थान (IIITs) और सरकार द्वारा समर्थित अन्य संस्थानों में प्रवेश मिलता है।
साथ ही, जेईई मेन के माध्यम से छात्र जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफ़ाईकरते हैं, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) में प्रवेश की परीक्षा है।
