जीत–हार जीवन का हिस्सा हैं, आशा मत छोड़िए, संघर्ष करते रहिएअजिंक्य डी. वाय. पाटील विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पंकजा मुंडे का छात्रों से आह्वान
पुणे: जीवन में जीत और हार दोनों आती हैं। कुछ चीज़ें मिलती हैं, कुछ नहीं मिलतीं। लेकिन कभी भी आशा मत छोड़िए। निरंतर संघर्ष करते रहिए—यह आह्वान पशुपालन एवं पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने छात्रों से किया।
वे अजिंक्य डी. वाय. पाटील विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में बोल रही थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. अजिंक्य डी. वाय. पाटील ने की। इस अवसर पर को-ऑपरेटिव रिपब्लिक ऑफ गुयाना के भारत में उच्चायुक्त धरमकुमार सीराज, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राकेश कुमार जैन, रक्षा मंत्रालय अध्ययन समूह के अध्यक्ष डॉ. निशिकांत ओझा, रजिस्ट्रार डॉ. सुधाकर शिंदे तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के डीन उपस्थित थे।
अजिंक्य डी. वाय. पाटील विश्वविद्यालय की ओर से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, पंकजा गोपीनाथ मुंडे, उद्यमी एवं रणनीतिक सलाहकार मनोज पोचट, गोल्डियम इंटरनेशनल लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष राशेश भंसाली, सनातन धर्म फाउंडेशन के सुदेश अग्रवाल तथा उज्जैन के गुरुजी प्रमोद शर्मा को डी. लिट. की उपाधि प्रदान की गई।
छात्रों को मार्गदर्शन देते हुए पंकजा मुंडे ने कहा कि आप जीवन के एक नए चरण की शुरुआत कर रहे हैं। आपकी आँखों में अनगिनत सपने हैं। इन सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करें। लेकिन केवल भौतिक सफलता के पीछे न भागें, बल्कि एक आनंदित व्यक्ति बनें। सकारात्मक रहें—यही आपकी ऊर्जा होगी।
डॉ. अजिंक्य डी. वाय. पाटील ने कहा कि शिक्षित भारत के निर्माण का सपना उनके पिता ने देखा था और वे उसे साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। भारत एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, ऐसे में छात्रों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
उन्होंने आगे कहा कि अजिंक्य डी. वाय. पाटील विश्वविद्यालय को नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उनकी यात्रा जारी है। विश्वविद्यालय से नई-नई विचारधाराओं का जन्म हो, यही उनकी अपेक्षा है, और विश्वविद्यालय के छात्र इस अपेक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं।
कुलपति डॉ. राकेश कुमार जैन ने कहा कि अजिंक्य डी. वाय. पाटील विश्वविद्यालय के नाम में ही नवाचार निहित है। छात्रों को सोच-समझकर नवसृजन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इंजीनियरिंग, विधि जैसी पारंपरिक शाखाओं के साथ-साथ नई ज्ञान शाखाओं की शिक्षा भी शुरू की गई है, जिससे छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिल रहा है।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध अभिनेत्री विद्या मालवडे ने किया।
