टायगरमंक द्वारा पुणे के ऐतिहासिक गणेश मंदिरों पर आधारित डॉक्युमेंट्री श्रृंखला का विमोचन
पुणे, 20 अगस्त 2025: प्रसिद्ध फिल्म और मीडिया प्रोडक्शन हाउस टायगरमंक ने पुणे के ऐतिहासिक गणेश मंदिरों पर आधारित पाँच भागों की डॉक्युमेंट्री श्रृंखला प्रस्तुत की है।
“ऐतिहासिक गणपति मंदिर” शीर्षक के अंतर्गत निर्मित यह श्रृंखला पुणे के भूले-बिसरे पाँच गणेश मंदिरों की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को उजागर करती है। इस श्रृंखला में त्रिशुंड गणपति, खिंडीतला गणपति, गुपचुप गणपति, मोदी गणपति और माटी का गणपति जैसे मंदिरों पर आधारित वृत्तचित्र शामिल हैं।
हर एपिसोड में इन मंदिरों की वास्तुकला, भक्तिपूर्ण परंपराएं और सांस्कृतिक पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इस श्रृंखला का विमोचन प्रसिद्ध इतिहासविद और इतिहास प्रेमी मंडल के अध्यक्ष श्री मोहन शेटे की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने इस संपूर्ण डॉक्युमेंट्री श्रृंखला में सूत्रधार की भूमिका निभाई है। इस अवसर पर टायगरमंक के प्रबंध निदेशक आदित्य राठी, कार्यकारी निदेशक शैलेश बडवे और केतन जाधव भी उपस्थित थे।
विमोचन समारोह में बोलते हुए श्री मोहन शेटे ने कहा, “पुणे की ऐतिहासिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास मैं हमेशा करता रहा हूँ। इस श्रृंखला का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है। वर्षों से उपेक्षित कहानियाँ और प्रमाण इस माध्यम से लोगों के सामने आ रहे हैं। यह श्रृंखला आने वाली पीढ़ियों तक सांस्कृतिक धरोहर पहुँचाने का एक प्रभावी साधन बनेगी। टायगरमंक की पूरी टीम को हार्दिक बधाई! ऐसे उपक्रमों से हमारी पहचान बनी रहती है और हमारी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में मदद मिलती है।”
टायगरमंक के प्रबंध निदेशक आदित्य राठी ने कहा, “श्रद्धा और समर्पण से निर्मित यह श्रृंखला पुणे के पवित्र इतिहास को एक श्रद्धांजलि है। टायगरमंक में हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके फिल्मों और क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स में नवाचार ला रहे हैं। यह श्रृंखला उसी दृष्टिकोण का प्रतीक है — जहाँ तकनीक और परंपरा का संगम होता है। एनीमेशन और AI के माध्यम से हम ऐतिहासिक कहानियों को जीवंत बना रहे हैं। तकनीक के ज़रिए लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से फिर से जोड़ना ही हमारा उद्देश्य है।”
कार्यकारी निदेशक शैलेश बडवे ने इस अवसर पर कहा, “पुणे शहर में हम गणेशोत्सव बड़े उत्साह से मनाते हैं, लेकिन इन ऐतिहासिक मंदिरों की विरासत बहुत कम लोगों को ज्ञात है।
कुछ मंदिरों ने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज भी एकता के प्रतीक के रूप में खड़े हैं। राज्य सरकार द्वारा गणेशोत्सव को राज्यस्तरीय पर्व का दर्जा दिए जाने के बाद, इस श्रृंखला के माध्यम से हम सभी भक्तों से आग्रह करते हैं कि वे प्रसिद्ध मंडलों से आगे बढ़कर इन मंदिरों की भी यात्रा करें और अपने समृद्ध इतिहास का अनुभव करें।”
यह श्रृंखला 20 अगस्त 2025 से टायगरमंक.ओरिजिनल्स के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर देखने के लिए उपलब्ध होगी
